चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और पीडब्ल्यूसी मिलकर शुरू करेंगे ऑनलाइन एमबीए, देश में पहली पहल
- By Gaurav --
- Sunday, 07 Jun, 2026
Chandigarh University Partners
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ूआं में सीयू ऑनलाइन के 8वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन का किया गया, जिसमें देश के 19 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से आए 363 छात्रों को 7 पोस्टग्रेजुएट एवं 3 ग्रेजुएट प्रोग्राम्स में डिग्रियों से सम्मानित किया गया। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों में 214 पुरुष एवं 149 महिला छात्र शामिल थी। ये छात्र चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के ऑनलाइन लर्निंग और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम से जुड़े थे।
दीक्षांत समारोह में पीडब्लयूसी इंडिया के सीनियर डायरेक्टर संजीव पारकर ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इसके अलावा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रविराजा एन. सीताराम, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) एस.एस. सहगल, सीयू ऑनलाइन के निदेशक डॉ. गुरप्रीत सिंह सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
इस बीच, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने दुनिया की 'बिग फोर' कंसल्टिंग फर्मों में से एक, पीडब्लयूसी के साथ ऑनलाइन एमबीए प्रोग्राम शुरू करने के लिए एमओयू भी सिग्न किया गया। इसके साथ ही, पीडब्लयूसी के सहयोग से ऐसा प्रोग्राम शुरू करने वाली सीयू भारत की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है।
देश के 19 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने वाले कुल 363 छात्रों ने डिग्रियां हासिल कीं। इनमें पोस्टग्रेजुएट श्रेणी के 330 छात्र शामिल रहे। पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रमों में एमबीए के सर्वाधिक 210 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि एमसीए के 78, एमएससी (डेटा साइंस) के 23, एमएससी (मैथ्स) के 9, एमए (इंग्लिश) के 5 तथा एमए जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन के 3 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त एमए इकोनॉमिक्स के 2 छात्रों को भी डिग्रियां प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंडर ग्रेजुएट श्रेणी में कुल 33 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गई,जिनमें बीबीए के 19, बीसीए के 12, तथा बीए जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन के 2 छात्र शामिल रहे। देश के सभी राज्यों से आए छात्रों की उपस्थिति ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ऑनलाइन की बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ किया।
छात्रों को बधाई देते हुए पीडब्लयूसी इंडिया के सीनियर डायरेक्टर संजीव पारकर ने,“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उभरती हुई तकनीकों के लगभग हर क्षेत्र में प्रवेश करने से लोगों को यह डर है कि उनकी नौकरियां समाप्त हो जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। वास्तव में, एआई दुनिया भर में उनके अधिक अवसर देगी जो स्वयं को नई परिस्थितियों में ढालकर अपने कौशल का विकास करते हैं। दुनिया तेजी से बदल रही है। मुझे खुशी है कि यूनिवर्सिटी और इंडस्ट्री साथ मिलकर छात्रों को एआई बेस्ड काबिलियत और ऐसी स्किल्स सिखा रहे हैं जिनकी तेज़ी से टेक्नोलॉजी पर आधारित दुनिया में सफल होने के लिए ज़रूरत है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनेबलमेंट जैसी नई चीज़ों से छात्रों, देश और इंडस्ट्री को बहुत फ़ायदा होगा।" उन्होंने आगे कहा, "एक फ़र्म के तौर पर हम 'विकसित भारत' में योगदान देने पर ध्यान दे रहे हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और हम भविष्य के लिए टैलेंट तैयार करने के लक्ष्य से एकेडमिक करिकुलम को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इंडस्ट्री की मौजूदा ज़रूरतों और भविष्य की मांगों पर ध्यान दे रहे हैं। इसलिए, जहाँ यूनिवर्सिटी का इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी सदस्य ज्ञान देंगे, वहीं पीडब्लूसी अपनी इंडस्ट्री विशेषज्ञता के ज़रिए छात्रों के प्रोफ़ाइल को बेहतर बनाएगी और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करेगी।"
दीक्षांत समारोह के अवसर पर छात्रों को बधाई देते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रवि राजा एन. सीताराम ने कहा," अपने पेशेवर और व्यक्तिगत दायित्वों को निभाते हुए ऑनलाइन शिक्षा के साथ डिग्री हासिल करना आसान नहीं होता। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर फ्यूचर रेडी प्रोफेशनल के रूप में तैयार कर रही है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ऑफलाइन और ऑनलाइन एजुकेशन के बीच के अंतर को कम कर रही है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रही है, ऐसे में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी शिक्षा, अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीयकरण, आउटरीच गतिविधियों और कैंपस प्रशासन के हर क्षेत्र में एआई को अपनाने वाले भारत के अग्रणी संस्थानों में शामिल हैं। सीयू ऑनलाइन उन सभी तक उत्कृष्ट शिक्षा पहुंचा रही है जो समय, दूरी अथवा अन्य कारणों से पारम्परिक शिक्षा हासिल नहीं कर सकते।"
सीयू ऑनलाइन के दीक्षांत समारोह में विभिन्न पृष्टभूमि और उम्र के छात्र के शामिल हुए। इनमें रिटायर्ड और वर्किंग प्रोफेशनल्स, गृहिणियां,एंटरप्रेन्योर तथा शिक्षक आदि थे जिन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों और शिक्षा के बीच सफलतापूर्वक संतुलन बनाया।